Indian Railways : रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, भूलकर भी न करें ये गलती, नहीं तो 5 साल की होगी सजा
My job alarm- (IRCTC) प्रतिदिन हजारों ट्रेने लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। हर रोज हजारों लोगों को सुविधा प्रदान करना रेलवे का कर्तव्य है। रेलवे द्वारा यात्रियों को सुगम यात्रा के लिए कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। हर जरूरत की चीज खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को उपलब्ध कराई जाती है। ऐसी ही कुछ सेवाएं है खाना, बेड शीट, तौलिया आदि (railway bedroll services) की। यात्रियों की सुविधा के लिए ये सब जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाती है ताकि यात्री इनका इस्तेमाल कर सकें। लेकिन होता क्या है कि बहुत से यात्री लोग इसे यात्रा खत्म होने के बाद अपने साथ बैग में रख के घर लेकर चले जाते हैं। रेलवे में ऐसा कोई नियम (Indian railway rules) नहीं है कि आप ट्रेन में मिली चादर-तौलिए को घर लेकर जा सकते हैं। ऐसा करना आप पर भारी पड़ सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अब तक 14 करोड़ के तौलिए-चादर चोरी हो चुके हैं।
ऐसे में हम आपको आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर ट्रेन के बाहर भी आपके पास बेडरोल का कोई सामान मिलता है तो आप पर तगड़ी कार्रवाई की जा सकती है। तो आइए जानते हैं कि अगर किसी के पास बेडरोल का कोई सामान मिलता है या कोई चादर-तौलिया चुरा कर ले जाता (Train Bedsheet Rules) है तो उस पर क्या कार्रवाई होती है और इसके लिए क्या सजा है…
सबसे पहले जान लें क्या-क्या शामिल है बेडरोल में?
अगर आपको इसे बारे में नही पता है तो पहले आपको बता दें कि जब भी आप एसी कोच में सफर करते हैं तो आपको रेलवे की ओर से बेडरोल में दो चादर, एक कंपल, एक तकिया, एक तकिए का कवर और तौलिया शामिल होता है। हालांकि, अब रेलवे की ओर से तौलिया कम ही दिया जाता है। वहीं, बेडरोल सिर्फ AC क्लास में सफर करने वालों को दिया जाता ( Train Rules for Bedding) है।
बेडरोल चुराने पर क्या है सजा का प्रावधान
बहुत से लोग अपनी बुरी आदत के चलते सफर के लिए दिए जाने वाला बेडरोल को घर लेकर चले जाते हैं। ककहेन का मतलब है कि लोग ट्रेन के सामान को चुरा कर ले जाते है तो अगर कोई ऐसा करने के बाद पकड़ा जाता है तो उस यात्री पर कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल, ये रेलवे की प्रोपर्टी (railway property) मानी जाती है और रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट 1966, ट्रेन से सामान चुराने पर कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में इस जुर्म के लिए एक साल की सजा हो सकती है और एक हजार रुपए का जुर्माना भी लग सकता (penalty on bedrolls theft) है। जेल की सजा 5 साल तक भी बढ़ सकती है।
अब तक इतना सामान हो चूका चोरी
डाटा के अनुसार, 2017-18 में 1.95 लाख तौलिया, 81,776 चादरें, 5,038 तकिये का कवर और 7,043 कंबल चोरी हुए थे। इसी तरह से हर साल बड़ी संख्या बेडरोल का सामान चोरी हो जाता (Train bedrolls theft cases) है। माना जाता है कि इस सामान की वैल्यू करीब 14 करोड़ रुपये है। ऐसे में रेलवे ने अटेंडेंट्स को ट्रेन की यात्रा खत्म होने से आधे घंटे पहले ही बेडरोल का सामान इकट्ठा करने की सलाह दी गई थी ताकि लोग इनकी चोरी ना ( Train Bedding law) कर सके।